आरती · माँ लक्ष्मी

ॐ जय लक्ष्मी माता — लक्ष्मी जी की आरती

दीपावली और शुक्रवार की पूजा में गाई जाने वाली माँ महालक्ष्मी की आरती।

आरती8 पदविशेष: शुक्रवार, दीपावली, पूर्णिमा

आरती

दीप जलाइए, आरती गाइए

«आरती आरम्भ करें» दबाने पर थाली घूमने लगती है और हर कुछ क्षण में घण्टी बजती है — आप साथ में आरती गाइए। चाहें तो केवल घण्टी भी बजा सकते हैं।

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आरती

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥

भावार्थहे माँ लक्ष्मी! आपकी जय हो; शिव, विष्णु और ब्रह्मा भी दिन-रात आपकी सेवा करते हैं।

उमा रमा ब्रह्माणी, तुम ही जग माता।
सूर्य चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥

भावार्थउमा, रमा और ब्रह्माणी — आप ही जगत की माता हैं; सूर्य-चन्द्रमा आपका ध्यान करते हैं और नारद ऋषि आपका गुणगान करते हैं।

दुर्गा रूप , सुख सम्पति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता॥

भावार्थआप निर्मल दुर्गा-रूप हैं, सुख-सम्पत्ति देने वाली हैं; जो आपका ध्यान करता है, वह ऋद्धि, सिद्धि और धन पाता है।

तुम पाताल निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
कर्म प्रभाव प्रकाशिनि, भवनिधि की त्राता॥

भावार्थआप पाताल में भी निवास करती हैं और शुभ देने वाली हैं; कर्मों के प्रभाव को प्रकट करती हैं और संसार-सागर से रक्षा करती हैं।

जिस घर तुम रहती तहँ सब सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहिं घबराता॥

भावार्थजिस घर में आप रहती हैं, वहाँ सब सद्गुण आ जाते हैं; सब कुछ सम्भव हो जाता है और मन नहीं घबराता।

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान पान का वैभव, सब तुमसे आता॥

भावार्थआपके बिना न यज्ञ होते, न कोई वस्त्र पाता; भोजन-पान का सारा वैभव आपसे ही आता है।

शुभ गुण मन्दिर सुन्दर, जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहिं पाता॥

भावार्थआप शुभ गुणों का सुन्दर मन्दिर हैं, क्षीरसागर से प्रकट हुई हैं; आपके बिना चौदह रत्न कोई नहीं पाता।

महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई जन गाता।
आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥

भावार्थजो महालक्ष्मी जी की यह आरती गाता है, उसके हृदय में आनन्द भर जाता है और पाप उतर जाते हैं।

॥ इति ॥

आरती सम्पन्न हुई। भगवान के चरणों में पुष्प अर्पित कीजिए।

पाठ शान्त मन और स्पष्ट उच्चारण से करें; भावार्थ समझकर पढ़ने से मन अधिक लगता है। पाठ में आई फलश्रुति कवि की श्रद्धा और परम्परा की आस्था है — इसे किसी निश्चित परिणाम के वादे के रूप में न लें।

भावार्थ सरल हिन्दी में, अर्थ समझाने के लिए है।

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